नया साल , नयी आशा

कुछ उम्मीद बनी और फिर से टूटी

उदास हुए , पर कोशिश नहीं रुकी

आज हौसले को फिर से दुरुस्त करे

चलो नए साल स्वागत थोड़े अच्छे से करे 

 

२०२१ से २०२२, सिर्फ एक अंक का फर्क

किसीके के लिए पूरा जमाना

किसीने लगाया कुछ मिनटो का तर्क

इस समय के मायाजाल से आज बगावत करे

चलो नए साल का स्वागत एक नए जोश से करे  

 

आगे क्या होगा, अब तो खुदा भी नहीं जानता

किस्मत और लकीर, अब ज्योतिष भी नहीं मानता

आज के उजाले को, कल के अँधेरे से वंचित क्यों करे

चलो नए साल का स्वागत थोड़ा हसकेँ करे

 

मन को अपनी लड़ाई से अब लाज नहीं आती

बाहर के शोर से कोई आवाज नहीं आती

इस अनोखी ब्रांति से आज शिकायत करे

और इस शोर में लिपटे सुकून से नए साल का स्वागत करे 

 

काश घडी का काटा थोड़ा धीरे चला करे 

सांस लेने की थोडी और फुर्सत दिया करे

तांकि हम हर एक पल की असली कीमत किया करे

चलो नए साल का स्वागत एक नयी आशा से करे

 - Ankit P. Shingala


 

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